Question
Option 3 : चेन ऑफ कस्टडी के लिखित प्रमाण पर
Detailed Solution
सही उत्तर चेन ऑफ कस्टडी के लिखित प्रमाण पर है।
Question:
गद्यांश पढ़कर उत्तर दीजिए: "डिजिटल फॉरेंसिक आधुनिक आपराधिक जाँच की वह शाखा है जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से साक्ष्य एकत्र करने, सुरक्षित रखने और उनका विश्लेषण करने का कार्य करती है। किसी भी डिजिटल साक्ष्य की स्वीकार्यता उसकी 'चेन ऑफ कस्टडी' पर निर्भर करती है — अर्थात् जब्ती से लेकर न्यायालय में प्रस्तुतिकरण तक साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ न होने का लिखित प्रमाण। जाँचकर्ता सबसे पहले उपकरण को नेटवर्क से पृथक करता है ताकि दूरस्थ रूप से डेटा मिटाया न जा सके। इसके बाद 'राइट ब्लॉकर' की सहायता से बिट-दर-बिट प्रतिलिपि तैयार की जाती है और मूल उपकरण को सीलबंद कर सुरक्षित रखा जाता है। प्रतिलिपि का हैश मान मूल डेटा के हैश मान से मिलान किया जाता है; दोनों का समान होना यह सिद्ध करता है कि प्रतिलिपि में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। विश्लेषण के दौरान मिटाई गई फाइलों की पुनर्प्राप्ति, लॉग रिकॉर्ड की जाँच और समय-सीमा का पुनर्निर्माण किया जाता है। अंततः निष्कर्षों को तकनीकी रिपोर्ट के रूप में न्यायालय के समक्ष रखा जाता है, जहाँ विशेषज्ञ गवाह के रूप में उनकी व्याख्या करता है।" गद्यांश के अनुसार डिजिटल साक्ष्य की न्यायालय में स्वीकार्यता मुख्यतः किस पर निर्भर करती है?
Correct Answer: चेन ऑफ कस्टडी के लिखित प्रमाण पर
गद्यांश में स्पष्ट कहा गया है कि साक्ष्य की स्वीकार्यता 'चेन ऑफ कस्टडी' — छेड़छाड़ न होने के लिखित प्रमाण — पर निर्भर करती है। भ्रम हेतु (b) दिया गया है, पर गद्यांश अनुभव को नहीं, दस्तावेज़ीकरण को आधार बताता है।