Question
Option 4 : ताड़पत्रों और भोजपत्रों पर
Detailed Solution
सही उत्तर ताड़पत्रों और भोजपत्रों पर है।
Question:
मानव सभ्यता के विकास में पुस्तकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। प्राचीन काल में ज्ञान ताड़पत्रों और भोजपत्रों पर लिखा जाता था, जिसे संभालकर रखना एक कठिन कार्य था। धीरे-धीरे कागज़ का आविष्कार हुआ और पुस्तकें जन-जन तक पहुँचने लगीं। आज डिजिटल युग में ई-पुस्तकों और ऑडियो पुस्तकों ने पढ़ने के तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। मोबाइल फोन पर हज़ारों पुस्तकें एक साथ रखी जा सकती हैं। फिर भी कागज़ की पुस्तक पढ़ने का आनंद कुछ और ही है। पन्नों की खुशबू, उन्हें पलटने का सुख और हाशिए पर नोट्स लिखने की सुविधा डिजिटल माध्यम में नहीं मिलती। विशेषज्ञों का मानना है कि पुस्तक चाहे किसी भी रूप में हो, पढ़ने की आदत ही मनुष्य के चिंतन को समृद्ध करती है। इसलिए बच्चों में बचपन से ही पुस्तक पढ़ने की रुचि विकसित करनी चाहिए। गद्यांश के अनुसार, प्राचीन काल में ज्ञान किस पर लिखा जाता था?
Correct Answer: ताड़पत्रों और भोजपत्रों पर
गद्यांश में स्पष्ट कहा गया है कि प्राचीन काल में ज्ञान ताड़पत्रों और भोजपत्रों पर लिखा जाता था।