Question
Option 1 : वर्षा जल संचयन द्वारा जल संकट का समाधान
Detailed Solution
सही उत्तर वर्षा जल संचयन द्वारा जल संकट का समाधान है।
Question:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और पूछे गए प्रश्न का उत्तर दीजिए। जल ही जीवन है — यह कहावत आज केवल नारा नहीं, चेतावनी बन चुकी है। भारत में मानसून की अनिश्चितता और भूजल के अत्यधिक दोहन ने अनेक क्षेत्रों में जल संकट गहरा कर दिया है। वर्षा जल संचयन इस संकट का सरल और सस्ता समाधान है। छतों पर गिरने वाले वर्षा जल को नालियों के माध्यम से टंकियों या भूमिगत संरचनाओं में एकत्र किया जा सकता है, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि होती है। चेन्नई जैसे शहरों में अनिवार्य वर्षा जल संचयन लागू होने के बाद भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों और चेक डैम के पुनरुद्धार से सिंचाई और पेयजल दोनों की समस्याएँ सुलझती हैं। जल संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं है; प्रत्येक घर, विद्यालय और पंचायत को इसमें भागीदार बनना होगा। बूँद-बूँद से सागर भरता है — यही भावना जल सुरक्षा की नींव है। गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?
Correct Answer: वर्षा जल संचयन द्वारा जल संकट का समाधान
The passage moves from the water crisis to rainwater harvesting as its remedy, citing city and village examples, so its central theme is solving the crisis through rainwater harvesting. / गद्यांश जल संकट से आरंभ होकर वर्षा जल संचयन को उसका समाधान बताता है और शहर-गाँव दोनों के उदाहरण देता है, अतः केंद्रीय विषय वर्षा जल संचयन द्वारा जल संकट का समाधान है।