Question
Option 2 : आधुनिक जीवन में योग का महत्त्व
Detailed Solution
सही उत्तर आधुनिक जीवन में योग का महत्त्व है।
Question:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए — योग भारत की प्राचीनतम विधाओं में से एक है, जिसका उल्लेख वेदों और उपनिषदों में भी मिलता है। महर्षि पतंजलि ने योग को चित्त की वृत्तियों के निरोध के रूप में परिभाषित किया है। आधुनिक युग में जब तनाव, अनिद्रा और जीवनशैली संबंधी रोग बढ़ रहे हैं, योग एक सरल और प्रभावी समाधान के रूप में उभरा है। नियमित योगाभ्यास से न केवल शरीर लचीला और स्वस्थ बनता है, बल्कि मन भी शांत और एकाग्र होता है। प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है और रक्तचाप को संतुलित रखता है। ध्यान मानसिक तनाव कम करके स्मरण शक्ति और निर्णय क्षमता में वृद्धि करता है। यही कारण है कि विद्यालयों, कार्यालयों और यहाँ तक कि सेना के प्रशिक्षण में भी योग को स्थान मिला है। इक्कीस जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाना इस विधा की वैश्विक स्वीकृति का प्रमाण है। — गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?
Correct Answer: आधुनिक जीवन में योग का महत्त्व
पूरे गद्यांश में योग के प्राचीन आधार के साथ-साथ तनाव, अनिद्रा और जीवनशैली रोगों के समाधान के रूप में उसकी आधुनिक उपयोगिता बताई गई है, अतः केंद्रीय विषय आधुनिक जीवन में योग का महत्त्व है।