Question

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Answer (Detailed Solution Below)

Option 4 : पार्सल और ई-कॉमर्स जैसी नई सेवाएँ

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Detailed Solution

सही उत्तर पार्सल और ई-कॉमर्स जैसी नई सेवाएँ है।

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Question:

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और पूछे गए प्रश्न का उत्तर दीजिए — भारत में संगठित डाक व्यवस्था की नींव अठारहवीं शताब्दी में पड़ी, जब ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए डाक चौकियाँ स्थापित कीं। अठारह सौ चौवन में डाकघर अधिनियम पारित हुआ और पूरे देश में एक समान डाक दर लागू हुई — आधे आने में आधा तोला वजन का पत्र कहीं भी भेजा जा सकता था। इसी वर्ष भारत का पहला डाक टिकट जारी हुआ। स्वतंत्रता के बाद भारतीय डाक ने गाँव-गाँव तक पहुँच बनाई और आज डाकघर पत्रों के साथ-साथ बचत योजनाएँ, बीमा और बैंकिंग सेवाएँ भी देते हैं। इंटरनेट के युग में पत्रों की संख्या घटी है, किंतु पार्सल और ई-कॉमर्स सेवाओं से डाक विभाग ने अपनी प्रासंगिकता बनाए रखी है। — गद्यांश के अनुसार, वर्तमान में डाक विभाग की प्रासंगिकता का मुख्य आधार क्या है?

1.
पत्रों की बढ़ती संख्या
2.
डाक टिकटों की कीमत में कमी
3.
केवल सरकारी पत्रों का वितरण
4.
पार्सल और ई-कॉमर्स जैसी नई सेवाएँ

Correct Answer: पार्सल और ई-कॉमर्स जैसी नई सेवाएँ

गद्यांश में स्पष्ट कहा गया है कि पत्रों की संख्या घटने के बावजूद पार्सल और ई-कॉमर्स सेवाओं से डाक विभाग ने अपनी प्रासंगिकता बनाए रखी है।

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