Question
Option 1 : मोबाइल जैसे छोटे उपकरणों में अपार ज्ञान सुलभ है
Detailed Solution
सही उत्तर मोबाइल जैसे छोटे उपकरणों में अपार ज्ञान सुलभ है है।
Question:
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसके बाद दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए। पुस्तकालय कभी ज्ञान के मंदिर कहलाते थे, जहाँ पाठक घंटों बैठकर ग्रंथों का अध्ययन किया करते थे। आज डिजिटल युग में पुस्तकों का स्वरूप बदल गया है — अब अपार ज्ञान मुट्ठीभर यंत्र में समाया है। फिर भी गहन अध्ययन की आदत घटती जा रही है। स्क्रीन पर पढ़ने से आँखें शीघ्र थकती हैं और ध्यान बार बार बँटता है। अनुसंधानों से ज्ञात हुआ है कि कागज़ पर पढ़ी गई सामग्री स्मृति में अधिक देर तक टिकती है। पुस्तकालय अब केवल पुस्तकों के भंडार नहीं रहे; वे चर्चा, चिंतन और सामुदायिक सीख के जीवंत केंद्र बनते जा रहे हैं। आवश्यकता इस बात की है कि तकनीक और परंपरा के बीच संतुलन साधा जाए — डिजिटल साधनों की सुविधा अवश्य ली जाए, परंतु गहन पठन की संस्कृति को भी जीवित रखा जाए। 'अब अपार ज्ञान मुट्ठीभर यंत्र में समाया है' — इस कथन का आशय क्या है?
Correct Answer: मोबाइल जैसे छोटे उपकरणों में अपार ज्ञान सुलभ है
इस कथन का लाक्षणिक आशय है कि डिजिटल युग में छोटे उपकरणों के माध्यम से अपार ज्ञान सहज सुलभ हो गया है। शाब्दिक अर्थ लेने वाले विकल्प भ्रामक हैं।